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रेल्वे कंटेनर मे डायवरफिकेशन होता है तो रेल्वे के कोनसे शेअर मे फरक पडता है

रेल्वे कंटेनर मे डायवरफिकेशन होता है तो रेल्वे के कोनसे शेअर मे फरक पडता है और क्यो  जब रेलवे कंटेनर या ट्रेन का रूट डायवर्ट (मार्ग परिवर्तन) होता है, तो इसका असर माल ढुलाई (Goods/Freight) और यात्री सेवाओं दोनों पर पड़ता है, जिससे मुख्य रूप से भारतीय रेलवे (Indian Railways) (IRCTC) और उससे जुड़ी लॉजिस्टिक्स, कंटेनर ट्रांसपोर्टेशन कंपनियों (जैसे Concor, Gati, VRL Logistics) के शेयरों पर असर पड़ सकता है, क्योंकि इससे देरी, लागत में वृद्धि और राजस्व हानि हो सकती है, लेकिन यह उस विशेष ट्रेन या मालगाड़ी पर निर्भर करता है कि कौन सी कंपनी और कौन से रूट्स प्रभावित हो रहे हैं.  किन शेयरों पर असर पड़ता है? रेलवे कंपनियाँ (IRFC, RVNL, IRCON, BEL, Titagarh, Jupiter Wagons): रूट बदलने से परिचालन लागत (Operational Costs) बढ़ सकती है, जिससे कंपनी के लाभ (Profit) पर असर पड़ सकता है. लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट कंपनियाँ (Concor, Gati, VRL, Blue Dart): कंटेनर और माल ढुलाई में देरी होने से उनकी सेवाओं की गुणवत्ता घटती है, जिससे उन्हें नुकसान हो सकता है. कंटेनर बनाने वाली कंपनियाँ (जैसे ...
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शेअर के रिझल्ट और बोनस शेअर के कारण क्यो शेअर की प्राईस बढती है

शेअर के रिझल्ट और बोनस शेअर के कारण क्यो शेअर की प्राईस बढती है  शेयर के रिज़ल्ट (Results) और बोनस शेयर (Bonus Shares) के कारण शेयर की कीमत बढ़ने के मुख्य कारण नीचे आसान हिंदी में समझिए:  1) अच्छे रिज़ल्ट आने पर शेयर क्यों बढ़ता है? जब कंपनी अपने तिमाही या सालाना नतीजे घोषित करती है और  मुनाफा (Profit) बढ़ता है बिक्री (Revenue) बढ़ती है  कर्ज कम होता है भविष्य का outlook अच्छा होता है तो निवेशकों का भरोसा बढ़ता है। ज़्यादा लोग शेयर खरीदना चाहते हैं, मांग बढ़ती है और शेयर की कीमत ऊपर जाती है। 2) बोनस शेयर मिलने पर शेयर क्यों बढ़ता है? बोनस शेयर मतलब कंपनी अपने मुनाफे से मुफ्त शेयर देती है, जैसे 1:1 बोनस। इसके फायदे: कंपनी की financial strength दिखती है  निवेशकों को भविष्य में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद होती है छोटे निवेशकों की रुचि बढ़ती है मांग बढ़ती है, इसलिए शेयर प्राइस में तेजी आती है (हालाँकि रिकॉर्ड डेट के बाद कीमत technically adjust होती है)  3) मनोवैज्ञानिक (Psychological) कारण अच्छा रिज़ल्ट + बोनस = Positive News बाजार में optimism बढ़ता है F...

Chemical share कोनसे है इनकी share प्राईस कम और जादा क्यो होती है

Chemical share कोनसे है इनकी share प्राईस कम और जादा क्यो होती है  भारत के प्रमुख Chemical Shares (Chemical Companies) 1. Specialty Chemicals Aarti Industries  Deepak Nitrite SRF Navin Fluorine 2. Basic / Commodity Chemicals  Tata Chemicals Gujarat Alkalies  GNFC 3. Agro & Pharma Chemicals  UPL  PI Industries  Atul Ltd 4. Consumer Chemicals Pidilite Industries (Fevicol) Chemical Shares की Price कम ज्यादा क्यों होती है? 1. Raw Material Price Crude oil, gas, benzene महंगे  cost बढ़ती  share दबता सस्ते  margin बढ़ता  share चढ़ता 2. Demand–Supply Pharma, agriculture, EV, export demand बढ़े ⇒ price बढ़ती मंदी या oversupply ⇒ price गिरती 3. Government Policy  Environmental rules, export ban, subsidy change से impact 4. China Factor China में shutdown ⇒ India को फायदा  China की production normal ⇒ competition बढ़ता 5. Results & Orders  Strong quarterly results / नए contracts ⇒ तेजी  Weak results ⇒ गि...

अल्युमिनियम सेक्टर के प्रमुख शेयर कोनसे है येह शेअर क्यो बढते है

अल्युमिनियम सेक्टर के प्रमुख शेयर कोनसे है येह शेअर क्यो बढते है यह रहे भारत के अल्युमिनियम सेक्टर के प्रमुख शेयर:  Hindalco Industries  National Aluminium Company (NALCO)  Vedanta Limited (Aluminium बिज़नेस भी है)  Maan Aluminium  Nexus Select Trust (direct aluminium company नहीं, पर industrial demand theme से जुड़ा है) शेयर क्यों बढ़ते हैं?   1. डिमांड बढ़ना जब Aluminium का उपयोग ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, कंस्ट्रक्शन, पैकेजिंग, सोलर पैनल, एयरोस्पेस में ज्यादा हो जाता है, तो कंपनियों का बिज़नेस बढ़ता है  शेयर ऊपर जाता है।  2. कच्चे माल की कीमत अल्युमिनियम की कीमत LME Aluminium Futures में तय होती है। अगर वैश्विक कीमत बढ़ जाए, तो भारत की aluminimum कंपनियों की कमाई बढ़ जाती है  शेयर ऊपर जाता है। 3. बिजली (Power cost) अल्युमिनियम बनाने में बिजली ज़्यादा लगती है। जब पावर cost कम हो या कंपनी खुद पावर बना रही हो (जैसे Hindalco), तो profit margin बढ़ता है शेयर बढ़ता है। 4. सरकार की नीतियाँ अगर Government of India infrastructure,...

क्यों प्रॉपर्टी शेयर (रियल एस्टेट शेयर) बढ़ सकते हैं

क्यों प्रॉपर्टी शेयर (रियल एस्टेट शेयर) बढ़ सकते हैं रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में बढ़ोतरी के कई कारण होते हैं, जिनमें निम्न प्रमुख हैं: 1. मांग-बढ़ना (Residential / Commercial दोनों)    जब लोगों को घर चाहिए या कंपनियों को ऑफिस/शॉप चाहिए, तो डेवलपर्स को प्रोजेक्ट बेचने बनाने में फायदा होता है। इस उम्मीद से उनकी कमाई बढ़ेगी शेयर की वैल्यू बढ़ सकती है।  2. सस्ते वित्त (Interest rates का कम होना)   जब बैंक और वित्त संस्थाएं कम ब्याज दर पर लोन देती हैं तो मकान लेना-बेचना आसान होता है। इससे प्रॉपर्टी-सेक्ट‍र को लाभ होता है और शेयर में सीधे असर हो सकता है।  3. भू-प्लॉट, इंफ्रास्ट्रक्चर व लोकेशन में सुधार    जैसे नई मेगा-इंफ्रास्ट्रक्चर, मेट्रो, एयरपोर्ट, औद्योगिक पार्क्स बनते हैं, उस इलाके की भू-मूल्य (Land value) और डेवलपमेंट आकर्षण बढ़ जाता है। इससे वहाँ के रियल एस्टेट डेवलपर्स को फायदा हो सकता है। 4. कंपनी की बेहतर प्रोजेक्ट डिलीवरी और ब्रांड वैल्यू   अगर एक डेवलपर समय पर प्रोजेक्ट पूरा करता है, अच्छी लोकेशन में है, ब्रांड भरोसेमंद है...

जैसे दिवाली, दशहरा, क्रिसमस, न्यू ईयर) में कौन से शेयर चलते हैं और क्यों चलते है

जैसे दिवाली, दशहरा, नवरात्रि, ईद, क्रिसमस, न्यू ईयर) में कौन से शेयर चलते हैं और क्यों चलते है भारत में त्योहारों के समय 3 चीजें बहुत बढ़ती हैं: 1. खरीदारी (Consumption boom)  कपड़े, ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, गाड़ी, ब्यूटी प्रोडक्ट, मोबाइल फोन, टीवी आदि की बिक्री बढ़ जाती है। 2. ऑटोमोबाइल खरीदारी  दिवाली शुभ मानी जाती है, इसलिए दोपहिया/चारपहिया की सेल बढ़ती है। 3. ई-कॉमर्स और डिस्काउंट सेल  Amazon, Flipkart, Meesho, Nykaa पर फेस्टिव सेल से भारी खरीदारी होती है। 4. हाउसहोल्ड / इलेक्ट्रॉनिक्स डिमांड   AC, TV, मोबाइल, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन जैसी durable items की बिक्री तेज़ होती है। इसीलिए कुछ खास सेक्टर और उनके स्टॉक्स festive season में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। India के Top 10 Festive Season Stocks (with Reason) नीचे 10 भारतीय शेयर दिए हैं जो त्योहारों में अक्सर अच्छा प्रदर्शन करते हैं: 1. Titan Company क्यों बढ़ता है? ज्वेलरी, घड़ी, फैशन आदि की भारी खरीदारी दिवाली में होती है।  Tanishq की festive sales बहुत strong रहती है। 2. Asian Paints / Berger P...

गर्मी के टाइम कोनशे share की प्राईस बढती है और क्यो

गर्मी के टाइम कोनशे share की प्राईस बढती है और क्यो गर्मी (summer) के टाइम कुछ खास sectors के shares की कीमतें बढ़ने का ट्रेंड होता है। इसका reason demand, मौसम और business cycle से जुड़ा होता है। मुख्य रूप से: 1. Electricity / Power Sector (बिजली कंपनियाँ)  गर्मी में बिजली की demand बहुत बढ़ती है (AC, fans, cooling systems के कारण)।  Companies जैसे NTPC, Tata Power, Power Grid के shares की कीमत बढ़ सकती है। 2. Cooling & Consumer Durables (AC, Refrigerator बनाने वाली कंपनियाँ) गर्मी में AC, fridge, water cooler की बिक्री बढ़ती है। Companies जैसे  Voltas, Blue Star, Whirlpool, Havells के shares summer में demand boost के कारण बढ़ सकते हैं। 3.Beverages & Cold Drinks (Thanda drinks / Water bottles)  Soft drinks और packaged water की demand बढ़ती है।  Companies जैसे PepsiCo India, Coca-Cola India के shares को short-term boost मिल सकता है। 4. Agriculture / Fertilizers (कृषि / Fertilizer companies) गर्मी में irrigation और cropping season के लिए fert...

Rbi policy का असर बँकिंग शेअर पे होता है क्या

Rbi policy का असर बँकिंग शेअर पे होता है क्या  RBI की पॉलिसी का सीधा असर बैंकिंग शेयरों पर होता है। ये असर इसलिए होता है क्योंकि RBI की नीतियाँ बैंकिंग सेक्टर की लोन देने की क्षमता, ब्याज दर, और मुनाफ़े को प्रभावित करती हैं।  अगर RBI ब्याज दरें बढ़ाता है (repo rate बढ़ाता है) बैंकों के लिए लोन महंगा हो जाता है  लोन की डिमांड घटती है  बैंकिंग शेयरों पर नकारात्मक असर पड़ता है।  अगर RBI ब्याज दरें घटाता है लोन सस्ता होता है  लोन की डिमांड बढ़ती है बैंक का मुनाफ़ा और शेयर प्राइस बढ़ सकते हैं।  साथ ही RBI की liquidity policy, CRR, SLR और inflation control steps भी बैंकिंग सेक्टर के sentiment को बदल देते हैं। इसलिए निवेशक हमेशा RBI की मौद्रिक नीति (Monetary Policy) पर नज़र रखते हैं क्योंकि ये बैंकिंग स्टॉक्स की दिशा तय करती है। 1. लिक्विडिटी (Liquidity)    अगर RBI सिस्टम में ज़्यादा पैसा डालता है (liquidity बढ़ाता है), तो बैंकों के पास लोन देने के लिए ज़्यादा पैसा होता है। इससे बैंक का बिज़नेस बढ़ता है और शेयरों पर positive effect आता ह...

FII foreign investors भारत मे शेअर मार्केट मे इन्व्हेस्टमेंट करते समय MSCI index, FTSE index, LSE index क्यो देखतें है

FII foreign investors  भारत मे शेअर मार्केट मे इन्व्हेस्टमेंट करते समय MSCI index, FTSE index, LSE   index क्यो  देखतें है  जब Foreign Institutional Investors (FII) भारत में निवेश करते हैं, तो वो MSCI, FTSE, और LSE जैसे इंडेक्स इसलिए देखते हैं क्योंकि ये वैश्विक मानक (global benchmarks) हैं।  1. MSCI Index (Morgan Stanley Capital International)  ये दुनिया के अलग-अलग देशों के शेयर मार्केट को ट्रैक करता है।    अगर भारत के ज़्यादा शेयर MSCI India Index में शामिल होते हैं, तो FIIs ज़्यादा पैसा भारत में लगाते हैं क्योंकि उनके फंड को इस इंडेक्स को फॉलो करना होता है।    मतलब — MSCI inclusion = ज़्यादा विदेशी पैसा भारत में। 2. FTSE Index (Financial Times Stock Exchange)    ये भी ग्लोबल इंडेक्स है जो कई देशों के मार्केट को ट्रैक करता है।   FII देखता है कि भारत का मार्केट FTSE इंडेक्स में कितना वज़न रखता है, ताकि वो उसी हिसाब से निवेश कर सके। 3. LSE (London Stock Exchange) Index    यहाँ पर कई विदेशी फंड और...

सोना, इक्विटी और प्रॉपर्टी, पिछले दशक में किसने बेहतर रिटर्न दिया?

सोना, इक्विटी और प्रॉपर्टी, पिछले दशक में किसने बेहतर रिटर्न दिया? पिछले दशक में, इक्विटी (शेयर) ने सोने और प्रॉपर्टी को पछाड़कर सबसे अच्छा रिटर्न दिया। इक्विटी: भारत की मज़बूत बाज़ार वृद्धि के कारण लगभग 12-15% औसत वार्षिक रिटर्न दिया। सोना: अनिश्चित समय में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन औसतन लगभग 7-8% प्रति वर्ष। प्रॉपर्टी: कई शहरों में ऊँची कीमतों और कम माँग के कारण, धीमी गति से, लगभग 5-6% प्रति वर्ष की वृद्धि हुई। सरल शब्दों में: शेयरों ने सबसे ज़्यादा पैसा कमाया, सोना सुरक्षित रहा, और प्रॉपर्टी स्थिर लेकिन धीमी रही।

इलेक्ट्रिसिटी रेट बढणे से कोनसे कंपनी शेअर को फायदा होता है और क्यो

इलेक्ट्रिसिटी रेट बढणे से कोनसे कंपनी शेअर को फायदा होता है और क्यो  जब बिजली के रेट बढ़ते हैं, तो कुछ कंपनियों को इसका सीधा फायदा होता है — खासकर पावर प्रोड्यूस करने वाली कंपनियों को। 1. पावर जनरेशन कंपनियाँ (Power Generation Companies) जैसे NTPC, Tata Power, Adani Power, JSW Energy आदि। इनका फायदा इसलिए होता है क्योंकि जब बिजली महंगी बिकती है, तो इनकी कमाई (revenue) बढ़ जाती है। 2. कोयला या एनर्जी से जुड़ी कंपनियाँ (Coal & Energy Companies) जैसे Coal India, क्योंकि बिजली बनाने के लिए कोयले की मांग बढ़ जाती है, तो इनका सेल बढ़ता है। 3. रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियाँ (Renewable Energy Companies) जैसे Adani Green, Suzlon, Inox Wind – बिजली महंगी होने पर ग्रीन एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ता है, जिससे इन्हें फायदा होता है।

Crude oil (कच्चा तेल) के दाम बढ़ने से कुछ कंपनियों को फायदा होता है।

Crude oil (कच्चा तेल) के दाम बढ़ने से कुछ कंपनियों को नुकसान होता है, लेकिन कुछ को फायदा भी होता है। चलिए आसान भाषा में समझते हैं   जिन कंपनियों को फायदा होता है: 1. ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनियाँ (तेल खोजने और निकालने वाली)   जैसे: ONGC, Oil India, Reliance Industries (E&P segment)   क्यों फायदा होता है:      ये कंपनियाँ जमीन से कच्चा तेल निकालती हैं। जब क्रूड का रेट बढ़ता है, तो इन्हें अपने तेल के लिए ज्यादा दाम मिलते हैं।  यानी जितना तेल बेचेंगी, उतना ज्यादा मुनाफा। 2. Oilfield Service Providers (तेल निकालने में मदद करने वाली कंपनियाँ)   जैसे: Halliburton, Schlumberger (वैश्विक), भारत में कुछ छोटे सर्विस प्रोवाइडर   क्यों फायदा:      जब तेल के दाम बढ़ते हैं तो बड़ी कंपनियाँ तेल निकालने का काम बढ़ा देती हैं, जिससे इन सर्विस कंपनियों को भी ज्यादा काम और पैसा मिलता है। जिन्हें नुकसान होता है (जानकारी के लिए): Oil Refining कंपनियाँ (जैसे IOC, BPCL, HPCL)  क्योंकि इन्हें तेल महंगा पड़ता है। Paint, Plastic, Ty...

जब क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमत बढ़ती है

जब क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमत बढ़ती है, तो कुछ कंपनियों को सीधा फ़ायदा होता है। कारण ये है कि उनकी आय और मुनाफा तेल के दाम से जुड़ा होता है।   किन कंपनियों को फायदा होता है? 1. ऑयल एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन कंपनियां  जैसे: ONGC, Oil India, Reliance (oil & gas division), Vedanta   क्यों फायदा होता है?      क्योंकि ये कंपनियां तेल और गैस की खुदाई करके बेचती हैं। अगर क्रूड महँगा बिकेगा तो इन्हें ज़्यादा दाम मिलेंगे और मुनाफा बढ़ेगा। 2. ऑयल रिफाइनिंग कंपनियां (कुछ मामलों में)  जैसे: Reliance Industries (refinery), Chennai Petroleum  क्यों फायदा हो सकता है?  अगर सरकार सब्सिडी या टैक्स में राहत देती है और ये कंपनियां महंगे दाम पर प्रोडक्ट बेच पाती हैं, तो मार्जिन बढ़ सकता है। 3. एनर्जी सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां  जो ड्रिलिंग, ऑयलफील्ड सर्विसेस या मशीनरी देती हैं।  क्यों फायदा होता है?    तेल की कीमत बढ़ने पर एक्सप्लोरेशन और ड्रिलिंग प्रोजेक्ट्स बढ़ते हैं, जिससे इनकी डिमांड भी बढ़ती है।

जब क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमत कम होती है तो इसका असर कई सेक्टर्स पे पड़ता है:

जब क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमत कम होती है तो भारत जैसी ऑयल इम्पोर्ट करने वाली अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलता है। इसका असर कई सेक्टर्स और कंपनियों पर पड़ता है:  1. एविएशन कंपनियां (Indigo, SpiceJet, Air India आदि)  हवाई जहाज़ का सबसे बड़ा खर्च ATF (Aviation Turbine Fuel) होता है, जो क्रूड से बनता है। क्रूड सस्ता = ईंधन सस्ता = फ्लाइट का खर्च घटा = मुनाफा बढ़ा। इसलिए एविएशन शेयर चढ़ते हैं। 2. पेंट्स और केमिकल कंपनियां (Asian Paints, Berger Paints, Pidilite आदि)  पेंट और केमिकल प्रोडक्ट्स की कच्ची सामग्री (raw material) पेट्रोलियम से बनती है। क्रूड सस्ता = कच्चा माल सस्ता = प्रॉफिट मार्जिन ज्यादा।  इस वजह से इन कंपनियों के शेयर ऊपर जाते हैं। 3. ऑटोमोबाइल कंपनियां (Maruti, Tata Motors, M&M आदि) जब तेल सस्ता होता है तो लोगों का ईंधन खर्च घटता है  कार, बाइक की डिमांड बढ़ती है।  इससे ऑटो सेक्टर को फायदा होता है।  4. लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट कंपनियां (Container Corp, Blue Dart, VRL Logistics आदि) ट्रक, बस, ट्रेन में डीज़ल का खर्च बड़ा हिस...

बिजली का रेट बढ़ने से ज़्यादातर बिजली बनाने वाली कंपनियों को फायदा होता है?

बिजली का रेट बढ़ने से ज़्यादातर बिजली बनाने वाली कंपनियों (Power Generating Companies) को फायदा होता है? उदाहरण: NTPC, Tata Power, JSW Energy, Adani Power क्योंकि ये कंपनियां महंगी बिजली बेचकर ज़्यादा कमाई कर लेती हैं। लेकिन बिजली बाँटने वाली कंपनियां (Distribution Companies / DISCOMs) को नुकसान हो सकता है, क्योंकि उन्हें महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है और खर्च बढ़ जाता है। टॉप Power Generating Companies (फायदा) 1. NTPC Ltd. – भारत की सबसे बड़ी बिजली बनाने वाली सरकारी कंपनी। 2. Tata Power – प्राइवेट सेक्टर की सबसे पुरानी और बड़ी पावर कंपनी। 3. Adani Power – थर्मल पावर और बड़े पावर प्लांट्स वाली कंपनी। 4. JSW Energy – बिजली बनाने और बेचने में एक्टिव। 5. NHPC Ltd. – हाइड्रो पावर (पानी से बिजली) बनाने वाली सरकारी कंपनी। 6. SJVN Ltd. – हाइड्रो और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स वाली कंपनी। 7. NLC India (Neyveli Lignite Corp.) – कोयले से बिजली बनाने वाली सरकारी कंपनी। 8. Torrent Power – प्राइवेट सेक्टर में बिजली उत्पादन और सप्लाई दोनों में।

Windfall Tax लगने से किन कंपनियों के शेयर गिरते हैं और बढते है और क्यों।

Windfall Tax लगने से किन कंपनियों के शेयर गिरते हैं और बढते है और क्यों। जिन कंपनियों के शेयर कम होते हैं 1.Oil Producing Companies (जैसे – ONGC, Oil India, Vedanta)  ये कंपनियाँ कच्चा तेल और गैस जमीन से निकालती हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की कीमतें बहुत बढ़ती हैं, तो इन्हें अचानक बहुत ज़्यादा मुनाफा मिलने लगता है। सरकार कहती है – “इतना ज्यादा मुनाफा क्यों? थोड़ा टैक्स दो” और इन पर Windfall Tax लगा देती है। टैक्स लगने से इनका नेट प्रॉफिट कम हो जाता है  नतीजा इनके शेयर प्रेशर में आकर गिर जाते हैं। 2. Refining & Export Companies (जैसे – Reliance Industries, Nayara Energy) ये कंपनियाँ पेट्रोल, डीज़ल, ATF (jet fuel) बनाती हैं और विदेश में बेचती हैं। जब ग्लोबल मार्केट में इनके प्रोडक्ट्स का दाम बहुत ऊँचा मिल रहा होता है, तब ये भारी मुनाफा कमाती हैं।  सरकार ऐसे समय में एक्सपोर्ट पर भी Windfall Tax / Export Duty लगा देती है। मुनाफा घटता है निवेशक डर जाते हैं शेयर अक्सर गिर जाते हैं। अब समझते हैं कि Windfall Tax लगने के बाद किन कंपनियों के शेयर बढ़ सकते ह...

Windfall Tax क्या है?

Windfall Tax क्या है? Windfall Tax मतलब सरकार का एक extra टैक्स। जब कोई कंपनी अचानक से बहुत ज़्यादा profit कमाती है (normal से कहीं ज़्यादा), तो सरकार उस extra कमाई पर टैक्स लगा देती है।  ये टैक्स सिर्फ़ तभी लगता है जब international market में oil, gas, या कुछ खास commodities की कीमतें अचानक बढ़ जाती हैं।  ताकि सरकार को भी फायदा हो और जनता पर बोझ कम किया जा सके। ज़्यादातर ये टैक्स Oil & Gas Companies पर लगाया जाता है। जैसे भारत में – ONGC (Oil and Natural Gas Corporation) Oil India Reliance Industries (RIL) का oil & gas segment) Export करने वाली कंपनियाँ (जो तेल विदेश बेचती हैं)  शेयर पर इसका असर कैसे होता है? 1. जब Windfall Tax बढ़ता है Oil & Gas कंपनियों का profit कम हो जाता है → इनका शेयर गिर सकता है। 2. जब Windfall Tax घटाया जाता है या हटाया जाता है कंपनियों का profit बढ़ जाता है  शेयर ऊपर जा सकता है। मान लो अंतरराष्ट्रीय market में crude oil \$100 per barrel हो गया  ONGC को बहुत profit हुआ। सरकार बोली – भाई, तुम्हें बहुत फायदा हो रहा...

ATF (Aviation Turbine Fuel) और ARF (Airport Related Factors/Charges) के असर (परिणाम) शेयरों पर कैसे होते हैं।

ATF (Aviation Turbine Fuel) और ARF (Airport Related Factors/Charges) के असर (परिणाम) शेयरों पर कैसे होते हैं। 1. ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) का असर ATF को विमान ईंधन कहते हैं।  जब ATF की कीमत बढ़ती है तो एयरलाइन कंपनियों का खर्च बढ़ जाता है  मुनाफा कम होता है  इनके शेयरों पर नकारात्मक असर पड़ता है।  जब ATF की कीमत घटती है तो एयरलाइन कंपनियों का खर्च कम होता है  मुनाफा बढ़ता है  इनके शेयरों पर सकारात्मक असर पड़ता है। असर मुख्य रूप से इन कंपनियों पर: indigo (InterGlobe Aviation) SpiceJet  2. ARF (Airport Related Factors/Charges) का असर ARF मतलब हवाईअड्डे से जुड़ी चार्जेस/फीस (जैसे लैंडिंग फीस, पार्किंग फीस, यात्री सेवा शुल्क आदि)। अगर ARF बढ़ा तो एयरलाइन कंपनियों का ऑपरेटिंग खर्च बढ़ जाता है शेयरों पर दबाव। अगर ARF घटा या सरकार छूट देती है तो एयरलाइन कंपनियों को राहत  शेयरों पर सकारात्मक असर।  असर मुख्य रूप से इन पर: एयरलाइन कंपनियां (IndiGo, SpiceJet आदि) एयरपोर्ट ऑपरेटिंग कंपनियां (जैसे GMR Airports, Adani Airports Holdings) ATF और...

पावर सेक्टर के शेयर क्यों बढ़ते हैं?

पावर सेक्टर के शेयर क्यों बढ़ते हैं?  1. बिजली की मांग बढ़ना  गर्मी/सर्दी में एयर कंडीशनर, हीटर और औद्योगिक उत्पादन से बिजली की खपत तेज़ी से बढ़ती है। EV (इलेक्ट्रिक वाहन), डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी कंपनियों को भी अधिक बिजली चाहिए। जितनी अधिक मांग, उतनी अधिक कमाई = शेयर प्राइस ऊपर। 2. सरकारी नीतियाँ और योजनाएँ सौर, पवन, जल जैसी नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी व प्रोत्साहन।  नई ट्रांसमिशन लाइन्स, स्मार्ट ग्रिड और EV चार्जिंग स्टेशन की घोषणाएँ।  पावर टैरिफ (बिजली दर) में बदलाव जो कंपनियों को स्थिर आमदनी देता है।  सरकार का समर्थन = निवेशकों का भरोसा = शेयर चढ़ते हैं। 3. नई परियोजनाएँ और निवेश कंपनियाँ नए पावर प्लांट (सोलर, विंड, हाइड्रो, न्यूक्लियर) लगाती हैं। विदेशी निवेश या बड़े पैमाने पर कैपेसिटी बढ़ाना।  भविष्य की कमाई की संभावना बढ़ती है, शेयर ऊपर जाते हैं। 4. मजबूत वित्तीय नतीजे मुनाफ़ा (Profit) और बिक्री (Sales) में बढ़ोतरी। कर्ज़ कम होना या पुनर्गठन। नियमित डिविडेंड से निवेशकों का विश्वास बढ़ता है। अच्छे रिज़ल्ट = शेयर में तेजी।...

जब light production यानी लाइट निर्माण या LED लाइट्स की अधिक उत्पादन क्षमता बढ़ती है

जब  light production यानी लाइट निर्माण या LED लाइट्स की अधिक उत्पादन क्षमता बढ़ती है, तो अक्सर उनमें से Havells India जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में सुधार होता है—क्योंकि बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता आम तौर पर बिक्री में वृद्धि और लागत में कमी को संकेत करती है।  जब light  उत्पादन बढ़ता है, तो Havells India के शेयर में सुधार देखने को मिलता है। यह इस कारण होता है कि कंपनी की लाइटिंग उत्पादों की मांग और उत्पादन क्षमता दोनों ही बढ़ते हैं।  उत्पादन क्षमता बढ़ने से कंपनी की संभावित बिक्री और मार्जिन बढ़ता है। इसके अलावा, सरकार की ऊर्जा-सक्षम लाइटिंग योजनाओं (जैसे UJALA) और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं से भी इस क्षेत्र में मांग बढ़ रही है, जो निवेशकों के दृष्टिकोण को पॉज़िटिव बनाती है।  भारत में LED लैम्प्स का बाज़ार तेजी से बढ़ रहा है। 2025 में यह लगभग USD 4.93 बिलियन था और 2030 तक यह बढ़कर USD 6.77 बिलियन होने की उम्मीद है। CAGR लगभग 6.5% है। सरकार की UJALA योजना के तहत LED बल्बों की संख्या तेजी से बढ़ी—2014 में यह केवल 0.3% थी, जो पांच साल में बढ़कर 46% हो गई।...

क्यों कुछ शेयर एक्सपायरी (Expiry) के दिन तेज़ी में रहते हैं?

क्यों कुछ शेयर एक्सपायरी (Expiry) के दिन तेज़ी में रहते हैं? 1. शॉर्ट कवरिंग (Short Covering)    जिन ट्रेडर्स ने शेयर को पहले बेचा (short sell) होता है, वे एक्सपायरी के दिन अपनी पोज़िशन बंद (cover) करने के लिए खरीदारी करते हैं। इससे शेयर अचानक ऊपर चला जाता है। 2. ऑप्शन राइटर्स का एडजस्टमेंट    जो लोग ऑप्शन बेचते हैं (Option Writers), उन्हें एक्सपायरी के दिन अपना घाटा बचाने के लिए शेयर या फ्यूचर्स में खरीद-बिक्री करनी पड़ती है। इसकी वजह से तेज़ मूवमेंट आता है। 3. ओपन इंटरेस्ट (OI) अनवाइंडिंग    जिन शेयरों में ज़्यादा फ्यूचर्स और ऑप्शन की पोज़िशन खुली होती है, वहां एक्सपायरी के दिन सब पोज़िशन बंद होने लगती है। इससे अचानक तेज़ी या गिरावट देखने को मिलती है। 4. स्पेक्युलेटिव ट्रेडिंग    एक्सपायरी वाले दिन छोटे-बड़े सभी ट्रेडर्स ज़्यादा वॉल्यूम में ट्रेड करते हैं। इस कारण कुछ स्टॉक्स में तेज़ी देखी जाती है। 5. इंडेक्स मैनेजमेंट    निफ्टी और बैंक निफ्टी के वज़नी शेयर (जैसे Reliance, HDFC Bank, Infosys) को बड़े प्लेयर्स कभी-कभी ऊपर-न...

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Opportunity to earn from Facebook, you will get Rs 4 lakh every month

       Opportunity to earn from Facebook, you will get Rs 4 lakh every month           If you are also very active on social media, then you can make lakhs of rupees by doing something different on it.  Users who spend more time on the popular platform Facebook must read this news.  Now Facebook is giving users a golden opportunity to earn Rs 4 lakh per month.  If a user uses this feature correctly, then there will be a chance to earn about 4 lakh rupees sitting at home.              Certain conditions have to be kept in mind that in order to take advantage of the feature, it is necessary to fulfill some simple conditions.  According to the information received from Facebook, according to the information, Facebook is also launching another social media reel feature like Instagram.  Through this feature, Facebook users will be...

Best Electric Vehicle (EV) Stocks in India for 2022

             (EV) are one of the trending topics globally. They are gaining attention as they help in reducing emissions and depletion of natural resources. In India, electric vehicles are slowly entering the market. In 2021, ~32 lakh electric vehicles were sold in India, which is 168% more than the previous year. This number is expected to grow even more. With the rapid innovative growth in the auto sector, EV stocks in India are also trending these days. In this article, read about the best EV stocks in India according to the different categories and the market potential for electric vehicles.                Electric vehicles sector categories      Before getting into the best electric vehicle stocks in India, it is important to note that the electric vehicles sector is not limited to manufacturers. The sector has four subdomains: Auto manufacturers – Thi...

LIC: Special plan for women, only Rs 29 will have to be invested daily

LIC: Special plan for women, only Rs 29 will have to be invested daily            Life Insurance Corporation of India offers various investment and insurance plans keeping in mind the needs of all classes of people.  Aadharshila plan is one of the eating plans of LIC.  In this scheme, investors get an opportunity to raise huge funds with very little investment.  LIC has prepared Aadharshila scheme keeping in mind the needs of women.  Women can invest in this scheme by saving some money.  A small investment will generate a huge amount here.  The age limit for investing in Aadharshila scheme is 8 to 55 years.  On depositing Rs 29 daily in this scheme, an amount of Rs 4 lakh will be ready.  Let us understand the foundation plan.                 Will take 20 years     Let us take an example.  If a woman saves Rs 29 a...

RD: Know how much to invest so that a fund of Rs 7 lakh is ready

RD: Know how much to invest so that a fund of Rs 7 lakh is ready Apart from the hustle and bustle of share market and mutual funds, there are still some people who are earning money without any risk by investing in RD.  There are many RD options too but State Bank Recurring Deposit and Post Office Recurring Deposit, both of them are the best means of saving.  By investing money in the RD scheme of these two, the work of raising lakhs of rupees can be done easily.  The tenure of a recurring deposit is generally from 12 months to 10 years. Better returns without risk The biggest feature of saving in an RD scheme is its interest rate.  By investing in RD, customers have complete security of getting better returns without any risk.  The government guarantees the money deposited in RD.  The investment in this scheme is guaranteed by the government scheme DICGC.  This means that even if the customer's money is lost, then the government will co...

These 6 Financial Instruments Are Also Good For Investment

      There are many different financial instrument possibilities available on the market today. Choosing the appropriate investment tool is crucial in order to create a portfolio that is both robust and well-balanced. The top six financial instruments are described in the following paragraphs.               1.   Gold Funds         One of the world's biggest gold marketplaces is in India. Indian households buy gold for auspicious occasions. India's desire for gold is rising as wealth levels rise. However, in the era of digitalization, everything is digitalized, even buying gold. And that's where Gold Funds come. Open-ended funds that invest in shares of a gold exchange-traded fund are known as gold funds (ETF). Investors wanting exposure to gold as a commodity can consider these funds. Managers want to build wealth by exploiting the ...

Big preparations for Mukesh Ambani, Pepsi and Coca-Cola will be worried

Reliance Industries Limited is now going to start business in FMCG business very soon.  In the recent AGM, Reliance Retail Director Isha Ambani has given information about this new move of Reliance.  Reliance has bought Delhi-based Pyare Drinks Group in a deal worth around Rs 22 crore, and the group will soon enter the soft drink market. Campa Cola will be seen again in the market In 1977, when Coca Cola had to go out of India, then the beloved drink group's Campa Cola filled the shortage of Coca Cola in the country.  After the acquisition of Reliance, now this soft drink is ready to dominate the market again.  Reliance is all set to launch Capa Cola soft drink on the occasion of Diwali. Reliance Industries is now all set to enter the soft drink market with this deal, preparing to compete with PepsiCo and Coca-Cola.  Reliance will compete directly with market leaders Coca-Cola and PepsiCo.  Indian customers will benefit from Relian...