Skip to main content

क्यों कुछ शेयर एक्सपायरी (Expiry) के दिन तेज़ी में रहते हैं?


क्यों कुछ शेयर एक्सपायरी (Expiry) के दिन तेज़ी में रहते हैं?

1. शॉर्ट कवरिंग (Short Covering)
   जिन ट्रेडर्स ने शेयर को पहले बेचा (short sell) होता है, वे एक्सपायरी के दिन अपनी पोज़िशन बंद (cover) करने के लिए खरीदारी करते हैं। इससे शेयर अचानक ऊपर चला जाता है।

2. ऑप्शन राइटर्स का एडजस्टमेंट
   जो लोग ऑप्शन बेचते हैं (Option Writers), उन्हें एक्सपायरी के दिन अपना घाटा बचाने के लिए शेयर या फ्यूचर्स में खरीद-बिक्री करनी पड़ती है। इसकी वजह से तेज़ मूवमेंट आता है।

3. ओपन इंटरेस्ट (OI) अनवाइंडिंग
   जिन शेयरों में ज़्यादा फ्यूचर्स और ऑप्शन की पोज़िशन खुली होती है, वहां एक्सपायरी के दिन सब पोज़िशन बंद होने लगती है। इससे अचानक तेज़ी या गिरावट देखने को मिलती है।

4. स्पेक्युलेटिव ट्रेडिंग
   एक्सपायरी वाले दिन छोटे-बड़े सभी ट्रेडर्स ज़्यादा वॉल्यूम में ट्रेड करते हैं। इस कारण कुछ स्टॉक्स में तेज़ी देखी जाती है।

5. इंडेक्स मैनेजमेंट
   निफ्टी और बैंक निफ्टी के वज़नी शेयर (जैसे Reliance, HDFC Bank, Infosys) को बड़े प्लेयर्स कभी-कभी ऊपर-नीचे कराते हैं ताकि इंडेक्स को उनकी पसंद के लेवल पर एक्सपायर कराया जा सके।

इसलिए एक्सपायरी के दिन ज़्यादातर F\&O (Futures & Options वाले शेयर) में ही सबसे ज़्यादा हलचल देखने को मिलती है, बाकी छोटे शेयर सामान्य रहते हैं।


 एक्सपायरी वाले दिन अक्सर मूव होने वाले शेयर
 1. बड़े इंडेक्स वाले शेयर (Index Heavyweights)

ये निफ्टी को सीधा प्रभावित करते हैं, इसलिए इनमें सबसे ज़्यादा मूवमेंट होता है:

 Reliance Industries
HDFC Bank
 ICICI Bank
Infosys
TCS
 Axis Bank
SBI
Kotak Bank
ITC
Bharti Airtel

2बैंकिंग सेक्टर (Bank Nifty Movers)

 HDFC Bank
ICICI Bank
Axis Bank
Kotak Bank
SBI
 IndusInd Bank

 3. High Beta / ज़्यादा उतार-चढ़ाव वाले शेयर

Adani Enterprises
Adani Ports
Tata Motors
Tata Steel
JSW Steel
Hindalco
 Bajaj Finance
Bajaj Finserv

 4. तेज़ी से ट्रेड होने वाले लोकप्रिय शेयर

HDFC Ltd.
 Tech Mahindra
 Wipro
Sun Pharma
Dr. Reddy’s
 Maruti Suzuki



Comments

Popular posts from this blog

जब क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमत कम होती है तो इसका असर कई सेक्टर्स पे पड़ता है:

जब क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमत कम होती है तो भारत जैसी ऑयल इम्पोर्ट करने वाली अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलता है। इसका असर कई सेक्टर्स और कंपनियों पर पड़ता है:  1. एविएशन कंपनियां (Indigo, SpiceJet, Air India आदि)  हवाई जहाज़ का सबसे बड़ा खर्च ATF (Aviation Turbine Fuel) होता है, जो क्रूड से बनता है। क्रूड सस्ता = ईंधन सस्ता = फ्लाइट का खर्च घटा = मुनाफा बढ़ा। इसलिए एविएशन शेयर चढ़ते हैं। 2. पेंट्स और केमिकल कंपनियां (Asian Paints, Berger Paints, Pidilite आदि)  पेंट और केमिकल प्रोडक्ट्स की कच्ची सामग्री (raw material) पेट्रोलियम से बनती है। क्रूड सस्ता = कच्चा माल सस्ता = प्रॉफिट मार्जिन ज्यादा।  इस वजह से इन कंपनियों के शेयर ऊपर जाते हैं। 3. ऑटोमोबाइल कंपनियां (Maruti, Tata Motors, M&M आदि) जब तेल सस्ता होता है तो लोगों का ईंधन खर्च घटता है  कार, बाइक की डिमांड बढ़ती है।  इससे ऑटो सेक्टर को फायदा होता है।  4. लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट कंपनियां (Container Corp, Blue Dart, VRL Logistics आदि) ट्रक, बस, ट्रेन में डीज़ल का खर्च बड़ा हिस...

Windfall Tax लगने से किन कंपनियों के शेयर गिरते हैं और बढते है और क्यों।

Windfall Tax लगने से किन कंपनियों के शेयर गिरते हैं और बढते है और क्यों। जिन कंपनियों के शेयर कम होते हैं 1.Oil Producing Companies (जैसे – ONGC, Oil India, Vedanta)  ये कंपनियाँ कच्चा तेल और गैस जमीन से निकालती हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की कीमतें बहुत बढ़ती हैं, तो इन्हें अचानक बहुत ज़्यादा मुनाफा मिलने लगता है। सरकार कहती है – “इतना ज्यादा मुनाफा क्यों? थोड़ा टैक्स दो” और इन पर Windfall Tax लगा देती है। टैक्स लगने से इनका नेट प्रॉफिट कम हो जाता है  नतीजा इनके शेयर प्रेशर में आकर गिर जाते हैं। 2. Refining & Export Companies (जैसे – Reliance Industries, Nayara Energy) ये कंपनियाँ पेट्रोल, डीज़ल, ATF (jet fuel) बनाती हैं और विदेश में बेचती हैं। जब ग्लोबल मार्केट में इनके प्रोडक्ट्स का दाम बहुत ऊँचा मिल रहा होता है, तब ये भारी मुनाफा कमाती हैं।  सरकार ऐसे समय में एक्सपोर्ट पर भी Windfall Tax / Export Duty लगा देती है। मुनाफा घटता है निवेशक डर जाते हैं शेयर अक्सर गिर जाते हैं। अब समझते हैं कि Windfall Tax लगने के बाद किन कंपनियों के शेयर बढ़ सकते ह...

इलेक्ट्रिसिटी रेट बढणे से कोनसे कंपनी शेअर को फायदा होता है और क्यो

इलेक्ट्रिसिटी रेट बढणे से कोनसे कंपनी शेअर को फायदा होता है और क्यो  जब बिजली के रेट बढ़ते हैं, तो कुछ कंपनियों को इसका सीधा फायदा होता है — खासकर पावर प्रोड्यूस करने वाली कंपनियों को। 1. पावर जनरेशन कंपनियाँ (Power Generation Companies) जैसे NTPC, Tata Power, Adani Power, JSW Energy आदि। इनका फायदा इसलिए होता है क्योंकि जब बिजली महंगी बिकती है, तो इनकी कमाई (revenue) बढ़ जाती है। 2. कोयला या एनर्जी से जुड़ी कंपनियाँ (Coal & Energy Companies) जैसे Coal India, क्योंकि बिजली बनाने के लिए कोयले की मांग बढ़ जाती है, तो इनका सेल बढ़ता है। 3. रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियाँ (Renewable Energy Companies) जैसे Adani Green, Suzlon, Inox Wind – बिजली महंगी होने पर ग्रीन एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ता है, जिससे इन्हें फायदा होता है।

Crude oil (कच्चा तेल) के दाम बढ़ने से कुछ कंपनियों को फायदा होता है।

Crude oil (कच्चा तेल) के दाम बढ़ने से कुछ कंपनियों को नुकसान होता है, लेकिन कुछ को फायदा भी होता है। चलिए आसान भाषा में समझते हैं   जिन कंपनियों को फायदा होता है: 1. ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनियाँ (तेल खोजने और निकालने वाली)   जैसे: ONGC, Oil India, Reliance Industries (E&P segment)   क्यों फायदा होता है:      ये कंपनियाँ जमीन से कच्चा तेल निकालती हैं। जब क्रूड का रेट बढ़ता है, तो इन्हें अपने तेल के लिए ज्यादा दाम मिलते हैं।  यानी जितना तेल बेचेंगी, उतना ज्यादा मुनाफा। 2. Oilfield Service Providers (तेल निकालने में मदद करने वाली कंपनियाँ)   जैसे: Halliburton, Schlumberger (वैश्विक), भारत में कुछ छोटे सर्विस प्रोवाइडर   क्यों फायदा:      जब तेल के दाम बढ़ते हैं तो बड़ी कंपनियाँ तेल निकालने का काम बढ़ा देती हैं, जिससे इन सर्विस कंपनियों को भी ज्यादा काम और पैसा मिलता है। जिन्हें नुकसान होता है (जानकारी के लिए): Oil Refining कंपनियाँ (जैसे IOC, BPCL, HPCL)  क्योंकि इन्हें तेल महंगा पड़ता है। Paint, Plastic, Ty...

गर्मी के टाइम कोनशे share की प्राईस बढती है और क्यो

गर्मी के टाइम कोनशे share की प्राईस बढती है और क्यो गर्मी (summer) के टाइम कुछ खास sectors के shares की कीमतें बढ़ने का ट्रेंड होता है। इसका reason demand, मौसम और business cycle से जुड़ा होता है। मुख्य रूप से: 1. Electricity / Power Sector (बिजली कंपनियाँ)  गर्मी में बिजली की demand बहुत बढ़ती है (AC, fans, cooling systems के कारण)।  Companies जैसे NTPC, Tata Power, Power Grid के shares की कीमत बढ़ सकती है। 2. Cooling & Consumer Durables (AC, Refrigerator बनाने वाली कंपनियाँ) गर्मी में AC, fridge, water cooler की बिक्री बढ़ती है। Companies जैसे  Voltas, Blue Star, Whirlpool, Havells के shares summer में demand boost के कारण बढ़ सकते हैं। 3.Beverages & Cold Drinks (Thanda drinks / Water bottles)  Soft drinks और packaged water की demand बढ़ती है।  Companies जैसे PepsiCo India, Coca-Cola India के shares को short-term boost मिल सकता है। 4. Agriculture / Fertilizers (कृषि / Fertilizer companies) गर्मी में irrigation और cropping season के लिए fert...