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BOND Delivers Good Returns

Nowadays the interest of bank FD is decreasing rapidly.  But it is not the case that there are no chances of getting good returns in the market.  Such an opportunity is found in government and corporate bonds.  One can get good returns from FDs by investing in these bonds.  Generally, people like the notion of the stock market, some have the same perception about the bond.  But amid the declining interest of FDs, it is necessary that people get correct information about the bonds and take advantage.  Bonds are a fixed income loan product, so they should be given space to make their portfolio balanced and secure.  Therefore people should take complete information about this from their financial advisor.

 The person wants a certain income.  Retirees usually want more of this income.  Although everyone can invest in bonds, there are some investors for whom investing in bonds can be good.  These may include people seeking a fixed and permanent income after retirement.  Apart from this, those who want good returns without taking much risk on their investment and principal.  Such people can also invest in bonds, which are troubled by the fixed deposit i.e. the decreasing interest rate of FD.

 Let us know who issues bonds. Bonds are issued mainly by the Central Government, State Governments, Reserve Bank of India or companies.  They raise money through bonds to meet their regular expenses or to meet development plans.  If you are thinking of investing in bonds, already understand the meaning of these words associated with these bonds.  Face Value: This is the price at which the bonds are issued.  Generally the face value of a bond is 1000 rupees.  Coupon Rate: You can consider this as a predetermined interest rate, that is, the annual rate at which you will receive income from the bond.  Maturity: This is the period of time for which the bond is issued, ie the period after which the bond issuer withdraws your bond from you and returns the face value of the bond to you.

 Now know how many types of bonds there are. There are mainly 4 types of bonds - 
Secured bonds -
 Unsecured Bonds -
 Indefinite Bond -
 Tax free bond

TRANSLATED IN HINDI 
 आजकल बैंक एफडी का ब्याज तेजी से घट रहा है। लेकिन ऐसा नहीं है कि बाजार में अच्छा रिटर्न पाने के मौके न हों। ऐसा मौका सरकार और कंपनियों के बांड में मिलता है। इन बांड में निवेश कर एफडी से भी अच्छा रिटर्न पाया जा सकता है। आमतौर पर जैसे लोग शेयर बाजार के बारे में धारणा रखते हैं, कुछ वैसी ही धारणा बांड के बारे में भी रखते हैं। लेकिन एफडी के घटते ब्याज के बीच जरूरत है कि लोग बांड के बारे में सही जानकारी लें और फायदा उठाएं। बांड एक निश्वित आय देने वाले ऋण उत्पाद होते हैं, ऐसे में इनको अपने पोर्टफोलिओ को संतुलित और सुरक्षित बनाने के लिए जगह देना चाहिए। इसलिए लोगों को अपने वित्तीय सलाहकार से इस बारे में पूरी जानकारी लेना चाहिए। 

व्यक्ति चाहता है उसको निश्चित आमदनी हो। ऐसी आमदनी आमतौर पर रिटायर लोग ज्यादा चाहते हैं। हालांकि बांड में हर कोई निवेश कर सकता है, लेकिन कुछ ऐसे निवेशक हैं, जिनके लिए बॉण्ड में निवेश अच्छा हो सकता है। इनमें सेवानिवृत्ति के बाद एक निश्चित व स्थायी आमदनी चाहने वाले लोग हो सकते हैं। इसके अलावा जो अपने निवेश और मूलधन पर अधिक जोखिम लिए वगैर अच्छा रिटन चाहते हैं। ऐसे लोग भी बांड में निवेश कर सकते हैं, जो फिक्स डिपॉजिट यानी एफडी की घटती ब्याज दर से परेशान हों।

आइये जानते हैं कि कौन जारी करता है बॉन्ड बांड मुख्यतः केन्द्र सरकार, राज्य सरकारें,भारतीय रिजर्व बैंक या फिर कंपनियों की तरफ से जारी किए जाते हैं। यह अपने नियमित खर्चों को पूरा करने या फिर विकास की योजनाओं को पूरा करने के लिए बांड के माध्मय से पैसा जुटाते हैं। अगर आप बांड में निवेश करने की सोच रहे हैं, इन बांड से जुड़े इन शब्दों का मतलब पहले ही समझ लें। फेस वैल्यू : यह वो मूल्य है जिस पर बांड जारी किये जाते हैं। सामान्यतः एक बांड की फेस वैल्यू 1000 रुपये होती है। कूपन रेट : इसे आप पूर्व निर्धारित ब्याज दर के तौर पर समझ सकते हैं, अर्थात जिस वार्षिक दर से आपको बांड से आय प्राप्त होगी। परिपक्वता : यह वो अवधि होती है जितने समय के लिए बांड जारी किए जाते हैं, अर्थात जितने समय के बाद बांड जारीकर्ता आपसे अपना बांड वापस लेकर आपको बांड की फेस वैल्यू वापस कर देता है।

अब जानिए कितने प्रकार के होते हैं बांड बांड मुख्यतः 4 प्रकार के होते हैं -सुरक्षित बांड -
असुरक्षित बांड -
अनिश्चित बांड -
कर मुक्त बांड  



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